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25 अगस्त ईपेपर 2026🔴 ब्रेकिंग: गोपिया में मगरमच्छ का जानलेवा हमला, मौत के मुंह से बचा किशोर | 24 घंटे में रेस्क्यू का अल्टीमेटम

🚨 लाइव अपडेट: गोपिया में मगरमच्छ का खौफनाक हमला, बाल-बाल बचा किशोर... MSC न्यूज़ नेटवर्क का वन विभाग को 24 घंटे में पिंजरा लगाकर रेस्क्यू करने का सख्त अल्टीमेटम! 🚨

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डॉक्टर ने किशोर को बताया खतरे से बाहर, लेकिन प्रशासन की लापरवाही बरकरार, किसी बड़े हादसे से पहले मगरमच्छ को पिंजरे में कैद करने की उठी मांग।

मिहींपुरवा (बहराइच): उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के ग्रामीण गोपिया क्षेत्र में कदम पुलिया के पास स्थित नहर के किनारे सोमवार, 24 अगस्त 2026 को घटी घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। एक विशालकाय मगरमच्छ ने घात लगाकर एक किशोर पर अचानक हमला कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह मगरमच्छ एक दिन पहले (रविवार) से ही नहर के पास मंडरा रहा था, लेकिन वन विभाग कुंभकर्णी नींद सोता रहा।

मौत के जबड़े से वापसी: रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर हमले का शिकार हुए किशोर सोमनाथ का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ ने अचानक सोमनाथ पर झपट्टा मारा और उसके एक हाथ को अपने खूंखार जबड़े में बुरी तरह जकड़ लिया। मगरमच्छ के दांत किशोर के हाथ में गहराई तक धंस गए। इसके बाद मगरमच्छ ने उसे अपने जबड़े में दबाकर झटके से फेंका। लेकिन यहीं किस्मत ने सोमनाथ का साथ दिया—फेंके जाने पर किशोर नदी (नहर) के गहरे पानी में गिरने के बजाय छिटक कर बाहर सूखी जमीन पर आ गिरा। यदि वह पानी के अंदर गिरता, तो मगरमच्छ उसे पलक झपकते ही गहराई में खींच ले जाता और बचना नामुमकिन हो जाता।

डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर: हादसे के तुरंत बाद सोमनाथ को ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। डॉक्टरों की ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, हाथ में दांतों के गहरे घाव जरूर हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से किशोर अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है। इस खबर से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

MSC न्यूज़ नेटवर्क की अपील: ग्रामीणों का 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम: भले ही एक चमत्कार ने आज मासूम की जान बचा ली, लेकिन MSC न्यूज़ नेटवर्क ने प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देगा। नेटवर्क के चीफ़ एडिटर ने स्थानीय DFO और वन विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बच्चा सुरक्षित है, इसका मतलब यह नहीं कि प्रशासन चैन की नींद सो जाए। MSC न्यूज़ नेटवर्क और आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग को 24 घंटे का सीधा अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन को सख्त चेतावनी दी गई है कि 24 घंटे के भीतर घटनास्थल पर पिंजरा (Cage) लगाकर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जाए। यदि वन विभाग किसी और के शिकार होने का इंतजार कर रहा है, तो उग्र प्रदर्शन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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