🔴 बिग ब्रेकिंग न्यूज़ 🔴 मिहींपुरवा/बहराइच: CHC मोतीपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था धड़ाम, बदहाली देख कर कांप उठी रूह!
📰 आज के ई-पेपर की प्रमुख ख़बरें (17 अगस्त 2026):
- ब्रेकिंग न्यूज़: FRU का दर्जा प्राप्त CHC मोतीपुर की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, 'द हिंदी रिपोर्टर' की ग्राउंड रिपोर्ट में खुली पोल!
- बहराइच: अस्पताल में पीने के पानी (वाटर कूलर) की भारी किल्लत और साफ-सफाई की घोर कमी, गंदे मूत्रालय दे रहे भयंकर बीमारियों को दावत।
- बहराइच: CHC मोतीपुर की बदहाली के पुख्ता साक्ष्यों पर जिले के CMO का गैर-जिम्मेदाराना और बेतुका जवाब- "कौन प्रमाण, कैसा प्रमाण?"
- मिहींपुरवा: ड्यूटी से नदारद रहने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की घोर लापरवाही, मरीजों की जान के साथ हो रहा सीधा खिलवाड़।
- जनहित: MSC न्यूज़ नेटवर्क की डीएम और स्वास्थ्य मंत्री से सख्त अपील- मामले की अविलंब निष्पक्ष जांच कर तय हो जिम्मेदारों की जवाबदेही!
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FRU का दर्जा प्राप्त CHC मोतीपुर की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था; 'द हिंदी रिपोर्टर' के साक्ष्यों पर CMO का बेतुका जवाब- "कौन प्रमाण?", MSC न्यूज़ नेटवर्क ने उठाया मुद्दा!
मिहींपुरवा (बहराइच): उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के ग्रामीण और सुदूर अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह से दम तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद बहराइच के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मोतीपुर, जिसे FRU (First Referral Unit - प्रथम संदर्भन इकाई) का उच्च दर्जा प्राप्त है, उसकी एक बेहद निराशाजनक तस्वीर सामने आई है। डिजिटल मीडिया मंच 'द हिंदी रिपोर्टर' द्वारा हाल ही में की गई एक विस्तृत खोजी पत्रकारिता ने स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली की पोल खोल कर रख दी है। एक स्वतंत्र और जिम्मेदार डिजिटल मंच के रूप में 'MSC न्यूज़ नेटवर्क' ने जनहित में इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने का निर्णय लिया है।
गंदगी, प्यास और बेबसी का मंजर: 'द हिंदी रिपोर्टर' की टीम जब CHC मोतीपुर के ग्राउंड जीरो पर पहुँची, तो वहां का नजारा सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत था। एक FRU स्तर का अस्पताल, जिसे 24 घंटे इमरजेंसी इलाज के लिए बनाया गया है, वह स्वयं बीमार नजर आया। अस्पताल के मूत्रालय इतने अत्यंत गंदे और बदबूदार हैं कि वहां मरीजों में संक्रमण का भारी खतरा है। इसके अलावा, दूर-दराज से इलाज की आस लेकर आने वाले गरीब मरीजों के लिए पीने के पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं है; अस्पताल का वाटर कूलर पूरी तरह से खराब पड़ा है और मरीज प्यास से तड़पने को मजबूर हैं। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वॉर्ड तक में अव्यवस्थाओं का अंबार है।
CMO का बेतुका जवाब: इस रिपोर्ट का सबसे संवेदनशील हिस्सा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू रहा। जब 'द हिंदी रिपोर्टर' की टीम ने CHC मोतीपुर की इस भयानक बदइंतजामी के पुख्ता वीडियो साक्ष्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए, तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना था। साक्ष्यों को देखकर संज्ञान लेने के बजाय, CMO महोदय ने कैमरे पर बेशर्मी से टालमटोल करते हुए जवाब दिया- "कौन प्रमाण, कैसा प्रमाण?"।
MSC न्यूज़ नेटवर्क की अपील: MSC न्यूज़ नेटवर्क, बहराइच के जिलाधिकारी महोदय और उच्च अधिकारियों से यह विनम्र अपील करता है कि CHC मोतीपुर की इस दयनीय स्थिति पर अविलंब संज्ञान लिया जाए। हमारी मांग है कि व्याप्त अव्यवस्था की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो, लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय हो और अस्पताल में पीने के पानी (वाटर कूलर) और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की तत्काल बहाली की जाए।
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